फीचर हाथी को अपराध पन्ना नहीं बनाती। ई-5, नर। इलाका: अनूपपुर और दक्षिण शहडोल। कई दिन विचरण। विज्ञप्ति: जनहानि, मवेशी, मकान—अनेक घटनाएँ, गिनती नहीं। दस्तक गिनती नहीं जोड़ती।

केशवाही रेंज, दक्षिण शहडोल। डॉ. राजौरा, श्री कृष्णमूर्ति। संयुक्त टीमें: बांधवगढ़, दक्षिण-उत्तर शहडोल, अनूपपुर। निगरानी, रात्रि गश्त, ड्रोन, रीयल-टाइम ट्रैकिंग, उद्घोषणा अलर्ट—रेस्क्यू से पहले की पंक्ति।

जो दो सुबह का है

20 मई निरीक्षण। शाम: महावत, कुमकी, प्रथम संपर्क। ई-5 ने कुमकी रामा के साथ शांत, गैर-आक्रामक व्यवहार किया। 22 मई सुबह लगभग पाँच: ट्रैंक्विलाइजेशन। जीपीएस कॉलर और क्रेट पर तीव्र प्रतिरोध, आंशिक क्षति, रात भर मरम्मत। 23 मई: क्रमिक ट्रैंक्विलाइजेशन, रेडियो कॉलर, वाहन; क्रेन, जेसीबी, चिकित्सक। बिना जनहानि। फिर बांधवगढ़ परिक्षेत्र।

शीट के आमुख और अंत में मुख्यमंत्री की नीति-पंक्ति है: टास्क फोर्स, रेडियो टैग, हाथी मित्र, ई-आई सर्विलेंस, मुआवजा 25 लाख रुपये। यह रेस्क्यू के मंच की उपस्थिति नहीं। चित्र अभियान से जुड़ा फ्रेम है।

मुख्य बातें

  • सफल लोडिंग 23 मई की है; 22 मई का पहला प्रयास स्थगित हुआ।
  • ई-5 को बांधवगढ़ परिक्षेत्र भेजा गया, कोर की नई गिनती नहीं।
  • संघर्ष की घटनाएँ “अनेक” हैं; विज्ञप्ति संख्या नहीं देती।

स्रोत और संदर्भ

  1. मध्य प्रदेश जनसंपर्क · समूह से अलग होकर भटक रहे नर हाथी का सफल रेस्क्यू ऑपरेशन ↗25 मई 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 18 सितंबर 2026।

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